ज्ञानोदय विद्यालय परिचय
मध्यप्रदेश शासन के आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा मुख्यरूप से इस वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नवोदय विद्यालय के पैटर्न पर संभागीय आवासीय विद्यालय नाम से 18 अगस्त 2003 को इसकी स्थापना की गई थी। जिसका 14 मई 2015 को संभागीय आवासीय विद्यालय से नाम बदलकर ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय कर दिया गया है।
इस विद्यालय में छात्र छात्राओं को प्रवेश चयन परीक्षा के माध्यम से कक्षा 6 वी, 9वी एवं 11वी में रिक्त सीटस के विरुद्ध प्रवेश दिया जाता है। प्रवेश हेतु बालक बालिका वर्ग को 50-50 प्रतिशत सीट्स आरक्षित रहती है। यह विद्यालय विशेषतौर पर अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के उत्थान हेतु है जहां इनके लिए सर्वाधिक 85 फीसदी सीट्स आरक्षित रहती है शेष 15 फीसदी सीट्स अनुसूचित जनजाति, पिछड़ावर्ग व सामान्य वर्ग के लिए रहती है।
